अब शादियों में बुला पाओगे केवल 100 मेहमान : जानिए क्या है नया बिल विधेयक

आज के session में हम शादी में हम कितने मेहमान बुला सकते है उसके ऊपर चर्चा करेंगे। जैसा कि आपको पता होगा कि अब लोक सभा मे विधेयक पास हो गया है कि अब शादी में केवल इतने ही मेहमान ही हम बुला सकेंगे। आपको बता दे कि लोक सभा मे एक नया विधेयक पेश हुए है , जो शादी के अंदर आमंत्रित किए जाने वाले मेहमान की संख्या एवं खिलाने वाले व्यंजन की सीमा तय की है इसी के साथ शादी में दूल्हा एवं दुल्हन को भी जो उपहार दिए जाते है उनकी कीमत भी तय कर दी है। इस बिल का उद्देश्य यही है कि फिजूलखर्ची पर अंकुश लगाना। इस विधेयक का नाम : विशेष अवसरों पर फिजूलखर्ची रोकथाम विधेयक 2020। इस विधेयक के अंदर कहा गया है कि फालतू गिफ्ट एवं खाने दिखावे में पैसे खर्च ना करके किसी अन्य गरीब , समाजसेवा का कार्य करने वाले लोगो को दिया जाए।

 
जनवरी 2020 में कॉंग्रेस सांसद जसबीर सिंह गिल द्वारा ये बिल पेश किया गया था। इसमे फिजूलखर्ची वाली शादी की संस्कृति को खत्म करना है। जो कि विशेष रूप से लड़की वालों की जेब पर वितीय बोझ डालती है। शादी के दौरान लड़की वाले अच्छी शादी करने के लिए अपने दुकान , प्लॉट , अपनी जमीन इत्यादि बेच देते है। कई लोग जो कि गरीब है वो बचपन मे इसी डर से कन्या भ्रूण हत्या करने पर मजबूर हो जाते है कि इनकी शादी करने के लिए उनके पास उपयुक्त धन नही है।
 
आपको बता दे कि कॉंग्रेस संसद ने 2019 में फगवाड़ा में एक शादी में हिस्सा लेने के बाद इस विधेयक के बारे में चर्चा की थी। वहां पर देखा गया कि खूब अनेक प्रकार के व्यंजन बने हुए थे जिनमें लगभग लोगो ने चख कर भी नही देखा था जो पूरा बर्बाद हो गया । लेकिन अब ऐसा नही होगा अब शादी विवाह में खाने के अंदर केवल 10 ही व्यंजन होंगे साथ ही साथ शादी के अंदर जो मेहमान बुलाए जाएंगे उनकी संख्या भी 100 से अधिक नही होगी। लड़की लड़के जिनका विवाह हो रहा है उनको केवल 2500 रुपए तक के ही गिफ्ट दे सकेंगे। यहां पर सांसद ने कहा कि इस बिल को सर्वप्रथम मैंने अपने ही परिवार में लागू किया है। उन्होंने कहा कि मेरी बेटी और बेटे की शादी में केवल 30 से 40 मेहमान ही मौजूद थे।

पहले भी 2 बार पेश हो चुका है यह विधेयक
यह पहली बार ही नही की अभी शादी विवाह में फिजूलखर्ची पर रोक लगाया गया है। पहले भी 2 बार ऐसे विधयेक पेश किए जा चुके है। पहले भाजपा के लोकसभा सांसद ने 2017 के अंदर एक निजी विधेयक पेश किया था। जिसके अंदर शादियों में होने वाली फिजूलखर्ची पर रोक लगाने की मांग की गई थी। इसके बाद कॉंग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने शादी विवाह में मेहमान की संख्या एवं परोसे जाने वाले व्यंग्य पर भी रोक लगाने का अथक प्रयास किया था। उन्होंने कहा था कि लोग अपनी शादियों में फिजूलखर्ची का पैसा खराब करते है वो अपनी शादी विवाह में 10 से 15 लाख रुपए बर्बाद कर देते है। उन्होंने कहा कि इस राशि का 10% गरीब परिवार की लड़कियों की शादी में अपना पूर्ण योगदान देवे।
 
क्या है बिल में विशेष
आपको बता दे कि शादी विवाह में केवल 100 मेहमान होंगे। शादी विवाह में केवल खाने के अंदर 10 से ज्यादा व्यंजन नही होंगे। क्योकि ज्यादा व्यंजन जब बनाए जाते है तो हर इंसान सभी व्यंजन नही खा पाता है। इसके बाद यदि कोई दूल्हा एवं दुल्हन को यदि कोई उपहार देना चाहता है तो उस गिफ्ट की कीमत केवल 2500 रुपए तक ही होगी। इससे ज्यादा यदि कोई व्यक्ति करता है तो वह दण्ड का भागीदार होगा इसी के साथ सरकार की भी उसे आज्ञा लेनी होगी।
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