क्या पति द्वारा अपनी पत्नी के साथ सम्भोग करना बलात्कार की श्रेणी में आता है ?

नमस्कार मेरे प्यारे साथियों आज हम बलात्कारी के बारे में चर्चा करेंगे कि पति द्वारा अपनी स्वयं की पत्नी के साथ संभोग कब बलात्कार होता है। शरीर के विरुद्ध कारित किया जाने वाले अपराधों में बलात्कार सर्वाधिक गम्भीर एवं घृणित अपराध माना जाता है। आज के समय मे ये अपराध अपनी चरम सीमा पर पहुँच गया है। स्टेट ऑफ राजस्थान के 2002 के मामले में उच्चतम न्यायालय ने बलात्कार को मानवता के खिलाफ अपराध माना है एवं न्यायालयों से अपेक्षा की गई कि वे महिलाओं को समुचित सरक्षण प्रदान करने की दिशा में अहम कदम उठाए। आपको बता दे कि उच्चतम न्यायालय ने बलात्कार को महिलाओं के जीने के अधिकार का उल्लंघन माना है और कहा है कि महिलाओं के विरुद्ध हो रहे इस अपराध को शक्ति से निपटा जाना चाहिए। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि बलात्कार के मामले अक्सर जूठे नही होते है कई बार कहा जाता है कि ये Rape का जूठा मुकदमा चला रही है , ऐसा कदापि नही होता है क्योंकि कोई भी महिला बलात्कार को जूठा आरोप लगाकर अपने आपको कलंकित नही करना चाहेगी। भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 375 के अंदर बलात्कार की परिभाषा दी हुई है।


1) इसके अनुसार यदि कोई पुरूष किसी महिला की योनि , उसके मुंह , मूत्रमार्ग , या गुदा में अपना लिंग किसी भी सीमा तक प्रवेश करता है या उससे ऐसा अपने या अपने किसी अन्य व्यक्ति से करवाता है।

2) किसी स्त्री की योनि , मूत्रमार्ग या गुदा में ऐसी कोई चीज या वस्तु या कोई भाग जो लिंग न हो , किसी भी सीमा तक वह प्रवेश करता हो या यही काम अपने किसी अन्य दोस्त या व्यक्ति से करवाता हो। 

3) किसी स्त्री की योनि में , गुदा में , मूत्रमार्ग पर अपना मुंह लगाता है या ऐसा कार्य अपनी किसी अन्य व्यक्ति से करवाता है तो यह माना जायेगा कि उसने बलात्संग किया है।

बलात्कार कितने प्रकार से होता है ?
बलात्कर सात प्रकार से होता है इनमें से यदि एक के अनुसार भी किया जाता है तो वह बलात्कार की श्रेणी में आएगा। पहला यदी उस महिला की इच्छा के अनुसार किया जाता है। दूसरा यदि उस महिला की सहमति के बिना किया जाता है। तीसरा यदि उस महिला को भय , म्रत्यु में डालकर उसकी सहमति प्राप्त की जाती है। चौथा ये की यदि उस महिला की सहमति से जब वह पुरुष जानता है कि वह उसकी पत्नी नही है और उसने सहमति इसलिए दी हो कि वह उस पर विश्वास करती हो या वह महिला विवाहित होने का विश्वास करती हो तब भी यह अपराध की श्रेणी में आएगा। पांचवा यदि वह महिला किसी अल्पबुद्धि हो या नेत्रहीन हो तो भी वह इस अपराध की श्रेणी में आएगा। छठा यह कि यदि उस महिला की सहमति से या उसके बिना जब तक 18 वर्ष से कम आयु की हो। सातवां यह कि यदि वह महिला सहमति देने में असमर्थ हो जाए।

स्वयं की पत्नी के साथ बलात्कार
ये सबसे हैरान करने वाला प्रश्न है कि क्या कोई व्यक्ति अपनी ही पत्नी के साथ बलात्कार कर सकता है। इसका आज हम परिणाम पूरे संक्षेप में बताएंगे आपको। 

इस तरिके से हो जाता है बलात्कार यदि पत्नी की आयु 14 वर्ष से कम हो ये बात ( धारा 375 के अपवाद में कही गई है। )  इसके अलावा यदि पत्नी पति से किसी डिक्री , यक रूढ़ि के अधीन अलग रह रहे हो तब पत्नी के साथ उसकी सहमति के बिना सम्भोग करना या फिर किया जाए।

18 वर्ष से कम आयु की महिला पर बलात्संग के लिए दण्ड
यदि कोई व्यक्ति 8 वर्ष से कम आयु की महिला के साथ बलात्संग करता है ऐसी अवधि के लिए कठोर कारावास से उसको दंडित किया जाता है जो कि 20 वर्ष से कम का नही होता है बल्कि ये आजीवन कारावास तक भी जा सकता है।

16 वर्ष से कम आयु की महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म के लिए क्या दण्ड है।
जहां पर 16 वर्ष से कम आयु की लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया जाता है उसके लिए भी दण्ड का प्रावधान है। इसमे आजीवन कारावास से दंडित किया जाता है जिसका अर्थ होता है कि वह आजीवन कारावास जेलखाने में रहेगा साथ ही साथ उसके ऊपर जुर्माने का भी प्रावधान है।
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