सूर्यास्त के बाद महिलाओं को गिरफ्तार क्यों नही किया जा सकता है ? क्या है इसकी वजह

जैसा कि आप सभी ने टाइटल पढा की महिलाओं को सूर्यास्त के बाद गिरफ्तार क्यों नही किया जाता है। आज हम आपको इसी के बारे में बताएंगे। साथ मे कुछ महिलाओं से सम्बंधित धाराओं के बारे में भी बताएंगे जिससे आप सम्पूर्ण बात को आसानी से समझ सके। भारत का जो कानून है वो देश के लोगो की सुरक्षा एवं हित की बात करता है। इसी कानून में अपराध कायम करने वाले अपराधी को गिरफ्तार किया जाता है। अब हमें ये तो पता है कि जो अपराध करते है उन्हें पुलिस गिरफ्तार करती है। लेकिन महिलाओं को अलग से अधिकार प्राप्त क्यों है कि उन्हें सर्यास्त के बाद गिरफ्तार नही किया जाता है।

धारा 342 ग़लत तरीके से प्रतिबंधित करने के लिए दण्ड।
धारा 354 ख एक औरत नंगा करने के इरादे के साथ कार्य

फिल्मों में भी बताया गया
जैसा कि आपने अधिकतर फिल्मों में देखा होगा कि महिलाओं को सूर्य अस्त होने के बाद गिरफ्तार नही किया जाता है। चाहे उसने कैसा भी अपराध कायम किया हो। आपको बता दे कि ऐसा फिल्मों में ही नही बल्कि हकीकत में भी होता है। फिल्मों के माध्यम से भी हम अपने अधिकारों के बारे में जान सकते है। लेकिन आपको यहां बता दे कि अगर महिला ने गम्भीर अपराध किया है तो पुलिस को गिरफ्तार करने से पहले लिखित के अंदर मजिस्ट्रेट को गिरफ्तारी का कारण बताना होगा की आप रात में गिरफ्तारी क्यों कि जा रही है।
धारा 354 ग महिलाको छिप कर देखना
धारा 354 घ महिला का पीछा करना

किसके तहत गिरफ्तार नही किया जा सकता है ?
आपको बता दे कि किसी भी महिला को CRPC की धारा 46(4) के अंतर्गत किसी भी महिला को सर्यास्त के बाद गिरफ्तार नही किया जा सकता है। लेकिन यदि गम्भीर अपराध किया है तो उन्हें लिखित आज्ञा के साथ साथ पुलिस को महिला पुलिसकर्मी को भी साथ लेके जाना अनिवार्य है। आपको साफ साफ बता दे कि 135वें विधि आयोग की रिपोर्ट के अनुसार सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले महिलाओं को गिरफ्तार करना गैर कानूनी है।
धारा 355 गम्भीर प्रकोपन होने से अन्यथा किसी व्यक्ति का अनादर करने के आशय से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग
धारा 356 हमला या आपराधिक बल प्रयोग द्वारा किसी व्यक्ति द्वारा ले जाई जाने वाली संपत्ति की चोरी का प्रयास।

महिलाओं से पूछताछ से सम्बंधित तथ्य
सर्वप्रथम तो ये की आपने अब तक ये तो जान लिया कि किस धारा के तहत सर्यास्त के बाद महिलाओं को गिरफ्तार क्यों नही किया जा सकता है। लेकिन इसी के साथ साथ महिलाओं से पूछताछ से सम्बंधित अधिकारों के बारे में भी जानना जरूरी है। धारा 160(1) के तहत किसी भी महिला से पूछताछ उसके घर या फिर थाने में ही कि जा सकती हैं। आपको बता दे कि इन दोनों जगह के अलावा पुलिस महिला को पूछताछ के लिए कही भी नही बुला सकती है। साथ ही साथ मैं आपको बता दु की यदि उस महिला की उम्र 15 वर्ष से कम है तो पुलिस सिर्फ निवास स्थान जहाँ वह महिला रहती है वहा जाकर उसके बयानों को रिकॉर्ड कर सकती है। साथ मे आपको बता दे कि पुलिस ने ऐसे में सहिंता का पालन नही किया था तब उन पर कई बार जुर्माना भी लग चुका है। इसी के साथ और भी अधिकार है जिनके बारे में हर महिला को पता होना चाहिए।
धारा 366 विवाह आदि के करने को विवश करने के लिए किसी स्त्री को व्यपहृत करना, अपहृत करना या उत्प्रेरित करना।
धारा 366 क अप्राप्तवय लड़की का उ
पापन

गिरफ्तारी कैसे की जाएगी
दण्ड प्रक्रिया सहिंता 1973 में धारा 46 के अंदर इसका उल्लेख किया गया है। 
1) गिरफ्तारी करने में पुलिस अधिकारी या फिर अन्य व्यक्ति , जो गिरफ्तार कर रहा है , गिरफ्तार किए जाने वाले व्यक्ति के शरीर को छुएगा या फिर प्रिरुद्ध करेगा जब तक उसने वचन या कर्म द्वारा अपने को अभिरक्षा में समर्पित न कर दिया हो।
लेकिन जहां किसी महिला को गिरफ्तार किया जाना हो , जब तक कि परिस्थितिया प्रतिकूलता नही दर्शाती हो , गिरफ्तारी की मौखिक सूचना पर अभिरक्षा के लिए उसका निवेदन उप धारित किया जाएगा। और जब तक कि  परिस्थितिया अन्यथा अपेक्षा नही करें या फिर जब तक कि पुलिस अधिकारी महिला नही हो जब तक पुलिस अधिकारी महिला को गिरफ्तार करने के लिए महिला के शरीर को स्पर्श नही कर सकता है।
2) यदि ऐसा व्यक्ति अपने गिरफ्तार किए जाने के प्रयास का बलात प्रतिरोध करता है यह गिरफ्तारी से बचने का पर्यतन करता है तो ऐसा पुलिस अधिकारी या अन्य व्यक्ति गिरफ्तारी करने के लिए आवश्यक साधनों का उपयोग में ला सकता है।
3) इस धारा की कोई बात ऐसे व्यक्ति की जिस पर मृत्यु या आजीवन कारावास से दण्डनीय अपराध का अभियोग नहीं है मृत्यु कारित करने का अधिकार नहीं देती है।
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